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ईरान युद्ध पर ट्रंप को बड़ा झटका: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने युद्ध शक्तियों पर लगाम लगाने वाला प्रस्ताव पारित किया 215-208 मतों से पारित प्रस्ताव; अब सैन्य कार्रवाई जा

री रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी लेना हो सकता है अनिवार्य

PNS,वाशिंगटन, 4 जून 2026। अमेरिकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) ने राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान संबंधी युद्ध शक्तियों को सीमित करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सदन ने 215 के मुकाबले 208 मतों से प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिससे राष्ट्रपति को ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई जारी रखने के लिए कांग्रेस की स्वीकृति लेने या अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाने के लिए बाध्य किया जा सकता है।

यह मतदान ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि चार रिपब्लिकन सांसदों ने अपनी पार्टी से अलग होकर डेमोक्रेटिक सांसदों का समर्थन किया।

चार रिपब्लिकन सांसदों ने किया विरोध

प्रस्ताव के समर्थन में मतदान करने वाले रिपब्लिकन सांसदों में Thomas Massie, Brian Fitzpatrick, Warren Davidson और Tom Barrett शामिल रहे।

दो सप्ताह पहले रिपब्लिकन नेतृत्व ने इस प्रस्ताव पर मतदान टाल दिया था, क्योंकि उन्हें इसे पराजित करने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा था।

अब सीनेट में होगी अग्निपरीक्षा

प्रतिनिधि सभा से पारित होने के बाद यह प्रस्ताव अब अमेरिकी सीनेट में जाएगा। इससे पहले सीनेट में भी कुछ रिपब्लिकन सांसद डेमोक्रेट्स के साथ खड़े होकर इसी प्रकार के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का समर्थन कर चुके हैं।

डेमोक्रेटिक नेतृत्व ने मतदान के बाद संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस को अमेरिकी जनता की ओर से जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए और राष्ट्रपति को युद्ध संबंधी निर्णयों के लिए संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

90 दिन के नियम पर केंद्रित बहस

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष 90 दिनों से अधिक समय तक जारी रहने की स्थिति में पहुंच चुका है।

अमेरिकी War Powers Resolution, 1973 के अनुसार यदि कोई सैन्य संघर्ष 90 दिनों से अधिक समय तक जारी रहता है तो राष्ट्रपति को युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी प्राप्त करनी होती है।

हालांकि व्हाइट हाउस का तर्क है कि अप्रैल में घोषित अस्थायी युद्धविराम के कारण यह अवधि बाधित हुई थी, इसलिए नियम की व्याख्या अलग तरीके से की जानी चाहिए।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लेकिन कानूनी प्रभाव सीमित

विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव फिलहाल अधिकतर राजनीतिक और प्रतीकात्मक महत्व रखता है। हालांकि यह राष्ट्रपति की शक्तियों पर तत्काल कानूनी रोक नहीं लगाता, लेकिन इससे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और स्वतंत्र सोच की झलक अवश्य मिलती है।

यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने ट्रंप प्रशासन की युद्ध नीति पर सवाल उठाए हों, लेकिन हालिया मतदान को पार्टी के भीतर बढ़ती असहमति का संकेत माना जा रहा है।

ईरान संघर्ष और वैश्विक चिंता

पिछले तीन महीनों से जारी संघर्ष के दौरान कई बार युद्धविराम की घोषणाएं हुईं, लेकिन छिटपुट सैन्य कार्रवाई जारी रही। इस बीच ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रतिबंधात्मक कदम उठाने और अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल परिवहन का मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है।

जनता का समर्थन घटा, चुनावी दबाव बढ़ा

हाल के सर्वेक्षणों में युद्ध के प्रति अमेरिकी जनता का समर्थन अपेक्षाकृत कम देखा गया है। बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक प्रभावों को देखते हुए रिपब्लिकन सांसदों में भी चिंता बढ़ी है कि आगामी मध्यावधि चुनावों में इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ट्रंप के लिए बढ़ती चुनौती

हाल के दिनों में अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप प्रशासन के कुछ अन्य प्रस्तावों को भी विरोध का सामना करना पड़ा है। सीनेट ने व्हाइट हाउस बॉलरूम परियोजना के लिए प्रस्तावित 1 अरब डॉलर की सुरक्षा निधि तथा 1.8 अरब डॉलर के विशेष कोष संबंधी प्रस्तावों पर भी आपत्ति जताई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान युद्ध पर हुआ यह मतदान राष्ट्रपति ट्रंप के लिए केवल विदेश नीति का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके राजनीतिक प्रभाव और पार्टी पर पकड़ की भी परीक्षा बन गया है।

प्रमुख बिंदु

  • अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 215-208 मतों से प्रस्ताव पारित किया
  • ईरान युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी की मांग
  • चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स का साथ दिया
  • प्रस्ताव अब अमेरिकी सीनेट में जाएगा
  • 1973 के War Powers Resolution के तहत उठाया गया कदम
  • ईरान संघर्ष को लेकर ट्रंप प्रशासन पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
  • बढ़ती ईंधन कीमतों और चुनावी असर को लेकर चिंता

मतदान का परिणाम

215-208=7

संभावित वेब हेडलाइन:

  • ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने युद्ध शक्तियों पर लगाई लगाम
  • अमेरिकी कांग्रेस में ट्रंप के खिलाफ बगावत, युद्ध प्रस्ताव 215-208 से पारित
  • ईरान नीति पर बढ़ा दबाव: ट्रंप को अब कांग्रेस से लेनी पड़ सकती है मंजूरी
  • रिपब्लिकन सांसदों ने भी छोड़ा साथ, ईरान युद्ध पर ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका

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